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सेहत

पुरुषों को नौकरी-पैसों को लेकर तो महिलाओं को रिश्तों का तनाव

पुरुषों को नौकरी-पैसों को लेकर तो महिलाओं को रिश्तों का तनाव

समरनीति न्यूज, लखनऊ डेस्कः आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जरूरतें और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ जहां पुरुषों को तनाव भरा जीवन जीने को विवश कर रही है, वहीं महिलाओं में रिश्तों को कायम रखने को लेकर चिंता है। इस बात का खुलासा केजीएमयू के चिकित्सकों की एक टीम की ओर से किए गए सर्वे में हुआ है। दरअसल, मानसिक रोग विभाग के चिकित्सकों की इस टीम ने तनाव व उसके मुख्य कारणों पर सर्वे किया था। इसके तहत उत्तर प्रदेश हेल्थ स्ट्रीट रनिंग प्रोडक्ट के सहयोग से महाराजगंज, झांसी, मुजफ्फरनगर और लखीमपुर खीरी जैसे शहरों में लगभग 12 हजार घरों के एक व्यक्ति से  127 सवाल पूछे गए। 50 सदस्यीय टीम ने किया सर्वे चिकित्सकों की इस टीम में शामिल मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीके दलाल के नेतृत्व में 50 सदस्य टीम ने गांव व शहरी क्षेत्रों के लोगों से फीडबैक लिया। इनमें से 93.7 फीसद लोगों ने जो जवाब दिए, उससे टीम
भारत के साथ-साथ दुनिया ने भी मनाया 5वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

भारत के साथ-साथ दुनिया ने भी मनाया 5वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

समरनीति न्यूज, डेस्कः आज शुक्रवार को भारत समेत दुनियाभर ने 5वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया है। इस मौके पर देश में योग दिवस का मुख्य आयोजन अबकी बार झारखंड की राजधानी रांची में हुआ। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। साथ ही लोगों को योग के लिए प्रेरित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि योग एक अनुशासन है और एक समर्पण है। पीएम ने कहा, योग सभी का और सभी योग के   उन्होंने कहा कि इसका पालन पूरे जीवनभर करना चाहिए। कहा कि योग सभी का है और सभी योग के हैं। कहा कि योग जाति, संप्रदाय, अमीरी-गरीबी से उपर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलते समय में बीमारियों से बचने के लिए योग बुहत जरूरी है। उन्होंने कहा कि योग से हम सभी को शक्ति मिलती है। कहा कि उनको अब आधुनिक योग को शहरों से गांवों की ओर ले जाना है। गरीब और आदिवासी के घरों तक पहुंचाना है। इस दौरान पीएम के सा
विश्व रक्तदान दिवसः हर साल तेजी से घट रही रक्तदाताओं की संख्या

विश्व रक्तदान दिवसः हर साल तेजी से घट रही रक्तदाताओं की संख्या

समरनीति न्यूज, डेस्कः पूरी दुनिया आज रक्तदान दिवस मना रही है। इसका सीधा सा उद्देश्य है कि दुनियाभर में लोगों को रक्तदान के प्रति प्रोत्साहित करके खून की कमी से होने वाली मौतों को रोका जा सके। भारत समेत दुनिया के कई देश खून की कमी से जूझ रहे हैं। हांलाकि चिंता की बात यह है कि भारत समेत दुनियाभर में रक्तदाताओं की संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में रक्तादान के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना और भी जरूरी हो जाता है। आखिर क्यों मनाते हैं रक्तदान दिवस सभी के दिमाग में यह सवाल उठना लाजमी है कि आज के दिन विश्व रक्तदान दिवस क्यों मनाया जाता है। इसका जवाब है कि आज के लिए मानव विज्ञान में नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाइन की याद में रक्तदान दिवस मनाया जाता है। ये भी पढें:बांदा में पतंजलि योग समिति के बैनर तले कृषि विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसरों ने किया रक्तदान.. दरअसल, मानव रक्त का व
भारतीयों पर बेअसर साबित हो रहीं हैं एटीबायोटिक दवाएं

भारतीयों पर बेअसर साबित हो रहीं हैं एटीबायोटिक दवाएं

समरनीति न्यूज डेस्कः भविष्य को लेकर एक बेहद जरूरी सवाल-अगर एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो गईं तो क्या होगा? अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने 1945 में पेंसिलिन का आविष्कार करने के लिए जब नोबेल पुरस्कार हासिल किया था, उसी दिन उन्होंने चेतावनी दे दी थी कि एंटीबायोटिक की वजह से एक दिन बैक्टीरिया पलटवार कर सकते हैं। वर्तमान में ऐसा ही हो रहा है। एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर एक रिपोर्ट पेश किया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक स्वस्थ भारतीयों पर अब एंटीबायोटिक दवाएं बेसअर हो रही है, जो बेहद चिंता का विषय है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की तरफ से सर्वेक्षण में पता चला है कि स्वस्थ्य भारतीयों पर अब एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो रही हैं। 207 स्वस्थ भारतीयों पर टेस्ट    रिसर्च में खुलासा हुआ है कि तीन में से दो स्वस्थ भारतीयों पर इन दवाओं का कोई असर नहीं हुआ। यह एक चिंता का विषय है। इससे पता चलता है कि भ
बांदा में 6.88 लाख बच्चों को लगेंगे मिजिल्स रुबैला के टीके, स्कूलों से होगी शुरूआत- 337 टीमें करेंगी काम

बांदा में 6.88 लाख बच्चों को लगेंगे मिजिल्स रुबैला के टीके, स्कूलों से होगी शुरूआत- 337 टीमें करेंगी काम

समरनीति न्यूज, बांदाः जिले में बीमारियों से लड़ने के लिए स्वास्थ विभाग ने टीकाकरण को रफ्तार देने की तैयारी शुरू कर ली है। इन्हीं तैयारियों के क्रम में मिजिल्स रुबैला टीकाकरण के अभियान को पूरे जिले में 26 नवंबर यानी आने वाले सोमवार से शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिलेभर के 2800 स्कूलों को चिह्नित किया गया है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के टीकाकरण से बेहतर शुरूआत की उम्मीद है। बताते हैं कि टीकाकरण के लिए 337 स्वास्थ टीमें बनाई गई हैं। हर टीम में 3 सदस्य होंगे।  पूरे जिले में सोमवार से अभियान शुरू करेगा स्वास्थ विभाग सीएमओ डा. संतोष कुमार ने यह जानकारी देते बताया है कि मिजिल्स और रुबैला दोनों ही वायरस जनित संक्रामक रोग हैं। इनसे बच्चों में निमोनिया और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियों पर लगाम कसती है। बताया कि कंजेनाइटल रुबैला सिंड्रो मां के गर्भ में या जन्म लेने वाले बच्चों में ऐसी जन्
आम इंसान से औसतन 10-12 साल कम जिंदगी जीते हैं डाक्टर्स

आम इंसान से औसतन 10-12 साल कम जिंदगी जीते हैं डाक्टर्स

समरनीति न्यूजः अगर आप यह सोचते हैं कि जिंदगी में तनाव सिर्फ आपको ही परेशान कर रहा है तो यह गलत होगा। आपको तमाम बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाले डाक्टर भी इससे अछूते नहीं हैं बल्कि डाक्टर्स की जिंदगी में तनाव इतना ज्यादा हावी है कि उनकी जिंदगी के कई साल कम कर देता है। जी हां, यह हैरान कर देने वाली बात सौ फीसद सच है। आईएमए की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा आया सामने  दरअसल, आईएमए यानी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आईएमए द्वारा केरल में डाक्टरों पर हुए एक अध्यन में खुलासा हुआ है कि आम आदमी की तुलना में डाक्टर औसतन 10-12 साल कम जीते हैं। ये भी पढ़ेंः ये डाक्टर्स बजाएंगे दुनियाभर में भारत का डंका, कर रहें हैं ऐसा काम.. अध्यन से प्राप्त आंकड़ों से हैरान कर देने वाली यह बात सामने आई है। माना जा रहा है कि इसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका तनाव की है
ये डाक्टर्स बजाएंगे दुनियाभर में भारत का डंका, कर रहें हैं ऐसा काम..

ये डाक्टर्स बजाएंगे दुनियाभर में भारत का डंका, कर रहें हैं ऐसा काम..

समरनीति न्यूज, डेस्कः इंसान अगर चाहे तो उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। कुछ ऐसा ही करने की तैयारी में जुटे हैं छत्तीसगढ़ के दो डाक्टर। अगर उनके प्रयासों को सफलता मिलती है तो निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के साथ पूरे देश का डंका दुनियाभर में बजेगा। ऐसा करने में दोनों डाक्टर कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। रायपुर में हॉलिस्टिक हेल्थ कार्निवल में लंबी स्पीच से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी  दरअसल, छत्तीसगढ़ के रायपुर में हॉलिस्टिक हेल्थ कार्निवल का आयोजन चल रहा है। इस आयोजन में डॉक्टर अनिल गुप्ता और अजय शेष लोगों को सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए स्पीच दे रहे हैं। दोनों डाक्टर्स का प्रयास सबसे लंबे समय तक स्पीच देकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का है। उनकी इन कोशिशों को वहां मौजूद लोग अपनी शुभकामनाएं देकर सपोर्ट दे रहे हैं। ये भी पढ़ेंः अच्छी खबरः देश की बेटी विनेश फोगाट
किचेन में ज्यादा दिनों तक रखी चीजों का न करें इस्तेमाल, पहुंच सकता है आपको ये नुकसान..

किचेन में ज्यादा दिनों तक रखी चीजों का न करें इस्तेमाल, पहुंच सकता है आपको ये नुकसान..

Today's Top four News, सेहत
सेहत डेस्‍कः आपका ये जानना बहुत जरूरी है कि आपके किचन में रोजाना इस्तेमाल होने वाली बहुत सारी चीजें ऐसी होती है जिनको अगर आप ध्यान से इस्तेमाल नहीं करेंगे तो ये चीजें आपकी सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि कौन सी हैं वो चीजें जो इस क्रम में शामिल हैं। आइए आपको बताएं इनके बारे में...। ये हैं बादाम, जानिये फायदे और नुकसान  इनमें सबसे पहला है बादाम। बादाम को खाने के फायदे तो हम सभी जानते हैं, लेकिन शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि अगर रसोई में रखें बादाम पुराने हैं और इनमें थोडा सा भी कडवापन आ गया है, तो यह आपकी सेहत के लिए जहर साबित हो सकते हैं। बादाम के स्वाद में जब कड़वापन आ जाता है तो उनमें हाइड्रोजन साइनाइड की मात्रा बढ़ जाती है जो आपकी सेहत पर बुरा असर डालती है। पढ़िए शहद के बारे में  अक्सर लोग शुद्ध शहद के चक्कर में सीधे मधुमक्खी के छत्ते से निक
सावधानः बराबर मंडरा रहा मलेरिया-डेंगू का खतरा, सामने आई नई रिपोर्ट

सावधानः बराबर मंडरा रहा मलेरिया-डेंगू का खतरा, सामने आई नई रिपोर्ट

समरनीति न्यूज, लखनऊ डेस्कः बारिश का मौसम है, ज़ाहिर सी बात है कि हर कोई बीमारियों से अलर्ट रहने की चर्चा कर रहा होगा। बावजूद इसके कि कोई सख्‍त कदम भी उठाए। यहां ये भी याद दिला दें कि बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी कई पुख्ता इंतजाम के दावे किए थे, लेकिन इसके बावजूद करीब 15 परसेंट जगहों पर लगाई गई जांच टीम को डेंगू व मलेरिया का लार्वा मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। उठाया था सख्‍त कदम  बता दें कि ये हाल तब है जब खतरनाक बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए विभाग ने सीजन के पहले से ही जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिए थे। जागरूकता अभियान की शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए सख्त कदम उठाया था। इसके तहत विभाग ने किसी भी स्कूल, घर या ऑफिस में तीसरी बार मलेरिया, डेंगू का लार्वा पाए
‘भाप’ यानी बड़ी-बड़ी बीमारियों का एक बेहद कारगर इलाज

‘भाप’ यानी बड़ी-बड़ी बीमारियों का एक बेहद कारगर इलाज

Today's Top four News, सेहत
समरनीति न्यूज, सेहतः सर्दी, खांसी या जुकाम होने पर हमने कई बार अपने बड़ों से सुना होगा घर में भाप यानी स्‍टीम लेने को। वहीं जानने वाली बात ये है कि भाप लेना सिर्फ सर्दी, जुकाम ही नहीं बल्‍कि और भी कई बड़ी दिक्‍कतों में रामबाण इलाज है। अर्थराइटिस, जोड़ों के दर्द, सूजन, कमर व गर्दन में दर्द, दमा, पुरानी खांसी (ब्रोनकाइटिस) जैसी दिक्‍कतों में भी नैचुरोपैथ और ऐलोपैथ दोनों के तहत डॉक्‍टर्स भाप लेने की सलाह देते हैं। कई बड़ी बीमारियों में बड़ी राहत देती है   हां, दोनों का तरीका ज़रा अलग होता है। ये निर्भर करता है कि आप कौन से तरीके को अपनाना चाहेंगे। वैसे आप भी परेशान हैं इनमें से किसी समस्‍या से, तो आइए देखें कैसे आप ले सकते हैं भाप और इन चीजों में आपको रखना होगा किन बातों का ध्‍यान। नैचुरोपैथ है पूरी तरह प्राकृतिक   बात करें अगर नैचु