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मां और पुलिस का फर्ज बखूबी साथ-साथ निभा रहीं अर्चना..

झांसी कोतवाली में रूटीन वर्क करतीं महिला सिपाही अर्चना व सामने टेबुल पर लेटा उनका बच्चा।

समरनीति न्यूज, झांसीः एक तरफ मां की ममता और दूसरी ओर पुलिस जैसी जिम्मेदारी भरी नौकरी हो। तो भला किसकी हिम्मत जवाब नहीं दे जाएगी। लेकिन झांसी कोतवाली में तैनात एक महिला सिपाही का हौंसला लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जी हां, इस महिला सिपाही का नाम है अर्चना। अर्चना अपने कुछ माह के बेटे को साथ लेकर नौकरी भी कर रही हैं और उसकी परवरिश का भी ख्याल रख रही हैं। इस दोहरी जिम्मेदारी को बेहतर तालमेल के साथ अर्चना जिस बखूबी से निभा रही हैं। वह सचमुछ एक बड़ा उदारहण हैं।

झांसी कोतवाली में तैनात है महिला सिपाही अर्चना 

शायद यही वजह है कि सोशलमीडिया पर उनकी एक फोटो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने भी उनकी इच्छाशक्ति की लोहा माना। इस फोटो में महिला सिपाही अर्चना ने अपने बेटे को सामने पड़ी टेबुल पर लिटाया हुआ है जो सो रहा है। वहीं वह खुद एक फरियादी की शिकायत दर्ज कर रही हैं।

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फोटो में साफतौर पर दिखाई दे रहा है कि एक मां होने के साथ-साथ किस तरह बड़े ही शांत भाव से अर्चना कैसे अपनी ड्यूटी भी कर रही हैं। उनका यह काम लोगों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। बताया जाता है कि परिवार से दूर रहकर ड्यूटी भी करनी है और बच्चे की देखभाल भी करनी होती है।

झांसी कोतवाली में रूटीन वर्क के दौरान फरियादी की शिकायत दर्ज करतीं महिला सिपाही अर्चना व सामने टेबुल पर लेटा उनका बच्चा।

उधर, डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने मामले का संज्ञान लिया। डीआईजी ने माना कि महिला की सिपाही की इच्छा शक्ति काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी में लोग आज भी पूरी लगन से अपने काम को अंजाम देते हैं।

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उन्होंने महिला सिपाही का ड्यूटी के प्रति समर्पण और निष्ठा को देखते हुए उसे 1000 रुपए अवार्ड देने की घोषणा की है। पूरे महकमे में महिला सिपाही का अपने काम के प्रति समर्पण का यह वाक्या चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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