Sunday, November 17सही समय पर सच्ची खबर...

Tag: farmers

बांदा में किसान ने आग लगाकर दी जान, परिजनों ने कहा-कर्ज को लेकर थे परेशान

बांदा में किसान ने आग लगाकर दी जान, परिजनों ने कहा-कर्ज को लेकर थे परेशान

समरनीति न्यूज, बांदाः जिले में एक किसान ने कर्ज की चिंता में खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उनके उपर काफी कर्जा था इसलिए वह तनाव में थे। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली देहात क्षेत्र के महोखर गांव में रहने वाले महेश शुक्ला (46) के पास तकरीबन ढाई बीघा जमीन थी। देहात कोतवाली के महोखर गांव का मामला  उस जमीन में वह खेती-किसानी करके किसी तरह से अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। किसान के एक पुत्र राहुल शुक्ला और दो बेटियां सपना और संध्या हैं। मृतक के बड़े भाई रमेश उर्फ गणेश शुक्ला ने बताया है कि मृतक आर्थिक तौर पर परेशान थे। कर्ज की भरपाई की परेशानी और घरेलू समस्याओं के चलते उन्होंने आग लगाकर जान दे दी है। ये भी पढ़ेंः बांदा में घरों में दौड़ा हाईटेंशन करंट, कि
घोषणा पत्र के सहारे हर वर्ग की दुखती रग पर कांग्रेस का हाथ, युवा-किसान ही नहीं, आधी आबादी को भी साधा..

घोषणा पत्र के सहारे हर वर्ग की दुखती रग पर कांग्रेस का हाथ, युवा-किसान ही नहीं, आधी आबादी को भी साधा..

प्रीति सिंह, पॅालीटिकल डेस्कः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज अपना घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणापत्र को जन आवाज नाम दिया गया है और इसकी टैगलाइन 'हम निभाएंगे' रखी गई है। राहुल गांधी ने 2019 के लिए पांच योजनाओं की घोषणा की है, जिसे उन्होंने पंजा बताया है। उन्होंने मंच से बीजेपी के खिलाफ हुंकार भरा और जीतने का दावा किया। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कुछ खास वर्ग का खास ध्यान रखा है। दरअसल यह खास वर्ग मोदी सरकार के  कार्यकाल खासा परेशान रहा है। कांग्रेस का घोषणा पत्र मुख्य रूप से गरीब, किसान, युवा, छोटे और मंझोले व्यवसायी और महिलाओं पर फोकस है। गरीबों के लिए साल में 72 हजार, 22 लाख सरकारी नौकरी, 10 लाख युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य है। अब देखना होगा कि राहुल का मेनिफेस्टों जनता को कितना पसंद आता है और वह क्या निर्णय देती है।  किसानों पर है कांग्रेस की नज
बांदा में 15 बिंस्वा जमीन के लिए किसान की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या

बांदा में 15 बिंस्वा जमीन के लिए किसान की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या

समरनीति न्यूज, बांदाः जिले की नरैनी कोतवाली क्षेत्र में कुछ दबंगों ने 15 बिंस्वा जमीन के लिए एक किसान की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। जमीन को लेकर हत्यारोपी लंबे समय से मृतक से रंजिश मानते आ रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने उसे घेरकर लाठियों से पीटा। इससे उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं। जमीन पर पहले से थी बुरी नजर  बताया जाता है कि नंदवारा गांव के रहने वाले किसान राममूरत सिंह राजपूत उर्फ बाबूलाल (55) के पास 15 बिंस्वा जमीन है। उसे लेकर पड़ोसी उनसे रंजिश मानता है। बताते हैं कि शुक्रवार सुबह राममूरत ने घर की सफाई करके घर के आगे सड़क पर कूड़ा डाल दिया। इसपर पड़ोसी की पत्नी ने विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद पड़ोसी और उसके लड़के भी वहां आ गए। ये भी पढ़ेंः अपडेटः यमुना एक्सप्रेस-वे पर
खरीद न होने पर भड़के किसानों ने खरीद केंद्र पर ही जलाई फसल, सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

खरीद न होने पर भड़के किसानों ने खरीद केंद्र पर ही जलाई फसल, सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

समरनीति न्यूज, बांदाः प्राकृतिक आपदाओं से जूझते किसानों के के आगे अब खरीद न होने की समस्या खड़ी हो रही है। एक ओर सरकार किसानों की आय दो गुना करने के दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर उनकी फसल तक खरीद केंद्रों से लौटाई जा रही है। ऐसे में किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को बांदा जिले के अतर्रा में एफसीआई केंद्र पर बने धान खरीद केंद्र के प्रभारी द्वारा किसानों की धान खरीद से साफ इंकार कर दिया गया। दरअसल, धान केंद्र प्रभारी का कहना था कि अभी मिलर्स की हड़ताल चल रही है। इसलिए वह खरीद नहीं कर सकता है। इससे गुस्साए किसानों ने खरीद केंद्र परिसर में ही अपनी फसल को सांकेतिकतौर पर आग लगा दी। 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सरकार के हैं धान खरीद के आदेश  बताते चलें कि 1 नवंबर से धान खरीद की अवधि शुरू हो चुकी है जो 28 फरवरी तक रहेगी। किसान परिवार का भरणपोषण करने को लेकर दिन-रात खेतों पर मेहन
अब बांदा कृषि विश्वविद्यालय देगा बुंदेलखंड के किसानों को दलहनी के उन्नतिशील बीज

अब बांदा कृषि विश्वविद्यालय देगा बुंदेलखंड के किसानों को दलहनी के उन्नतिशील बीज

समरनीति न्यूज, बांदाः किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब उनको ज्यादा उन्नतशील किस्म वाले दलहनी के बीजों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। क्रय केंद्रों से बेहतर दामों पर यह बीच बांदा का कृषि कृषि विश्वविद्यालय उपलब्ध कराएगा। किसान अच्छे बीजों को कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय से ले सकते हैं। कृषि विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी बीके गुप्ता ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (नई दिल्ली) के सहयोग से अपनी स्थापना के 7 साल पूरे कर रहा कृषि विश्वविद्यालय में एक सीड हब परियोजना के जरिए दहलन बीजों के वितरण की व्यवस्था की गई है। इस बीच का उत्पादन बुंदेलखंड की स्थिति को देखते हुए कृषि विश्वविद्यालय के फार्म पर वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन से किया गया है ताकि किसानों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ फसल में मिल सके। श्री गुप्ता ने बताया कि किसान किसी भी कार्य दिवस में इस बीज को कृषि विश्वविद्यालय आक