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कानपुरः कारगिल शहीद धर्मेंद्र को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

People gathered to pay last farewell to Kargil martyr Dharmendra in Kanpur

समरनीति न्यूज, कानपुरः आज रविवार सुबह शहीद जवान धर्मेंद्र का पार्थिव शरीर कानपुर पहुंचा तो उनको अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बताते चलें कि बीते गुरुवार को बर्फीले तूफान में कारगिल के द्रास सेक्टर में कानपुर के जवान धर्मेंद्र उर्फ बब्लू (40) शहीद हो गए थे। आज उनका शव उनके घर घाटमपुर पहुंचा। वहां शव के पहुंचते ही पूरा गांव रो पड़ा।

हर आंख शहादत पर हुई नम

हजारों की संख्या में लोग इस वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए इकट्ठा हुए। आसपास के हजारों गांव वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े। भारी जनसैलाब देख हर किसी को अपने वीर सपूत की सहादत पर गर्व हो रहा था। वहीं हर आंख नम थी।

People gathered to pay last farewell to Kargil martyr Dharmendra in Kanpur

बर्फवारी में शहीद जिले का सपूत

बताया जाता है कि पतारा ब्लॉक के बिराहिनपुर गांव के रहने वाले धर्मेंद्र उर्फ बब्लू 1999 में सेना में शामिल हुए थे। परिवार में दो भाइयों में छोटे धर्मेंद्र की शादी 2002 में सुनीता से हुई। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटा उत्कर्ष (16) व दूसरा 9 साल का राजवर्धन है। दोनों बच्चे चंडीगढ़ के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ रहे हैं। बताते हैं कि सुनीता बीते चार साल से कानपुर के चकेरी स्थित आवास में रहती हैं। आर्मी हवलदार बन चुके धर्मेंद्र उर्फ बब्लू की मां शिवदेवी हैं और उनके दो बड़े भाई भी हैं जो खेतीबाड़ी का काम देखते हैं।

People gathered to pay last farewell to Kargil martyr Dharmendra in Kanpur

दीपावली पर घर आए थे छुट्टी पर

बड़े भाई अर्जुन सिंह का कहना है कि बब्लू दशहरे के त्योहार पर 20 दिन के लिए छुट्टी घर आए थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ ही दीपावली भी मनाई थी। उन्होंने बताया कि लगभग सात दिन पहले भाई की उनसे बात हुई थी।

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बताया जाता है कि मशकोह वैली में सेना की एक चौकी बर्फबारी की चपेट में आ गई थी। इसमें धर्मेंद्र शहीद हो गए थे। बताते हैं कि पैतृक गांव बिराहिन में आज ही दोपहर के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। उधर, कैबिनेट मंत्री कमलरानी वरुण ने कहा कि शहीद के परिजनों को 5 बीघा जमीन सरकार की ओर से दी गई है। इस जमीन के कागज तहसीलदार को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद के परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

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