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सुरीली आवाज की बदौलत सफलता की बुलंदियों पर सीतापुर की आयुषी

समरनीति न्यूज, सीतापुरः पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान भरती है। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। जी हां, कहावत सच कर दिखाई है सीतापुर की 21 साल की आयुषी ने। जिन्होंने अपनी छोटे भाई के सपने को साकार करने के लिए दिन-रात एक करके खुद को सफलता की उस बुलंदी पर पहुंचा दिया। जहां, पहुंचने में लोगों की आधी जिंदगी गुजर जाती है।

गायिकी के क्षेत्र में अपने हुनर से लाखों दिलों पर राज कर रहीं      

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मात्र 21 साल की युवती आयुषी पांडे बेहद कम वक्त में आज सफलता की बुलंदियां छू रहीं हैं। अपने परिवार ही नहीं बल्कि सीतापुर का नाम भी पूरे देश में रोशन कर रही हैं। वे अपनी सुरीली आवाज के दम पर आज लाखों दिलों पर राज कर रही हैं।

अपने माता-पिता के साथ गायिका आयुषी पांडे।

आयुषी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर, सीतापुर से की। इसके बाद बीएससी की पढ़ाई के लिए लखीमपुर खीरी में अपना दाखिला कराया। पढ़ाई भी करती रहीं और साथ में नारी संगीत कला केंद्र (सीतापुर) से संगीत का विशारद कोर्स भी किया। इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना 4 घंटे तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने संगीत की डिग्री हासिल की। बीते 2014 में यह कोर्स पूरा किया।

कई भाषाओं पर है अच्छी पकड़

आपको बता दें कि इस कम उम्र की युवती को हिंदी भोजपुरी और अवधी पंजाबी और हरियाणवी जैसी भाषा पर अच्छी पकड़ है। उनको कई भाषाओं का बेहद अच्छी तरीके से ज्ञान है। साथ ही सभी भाषाओं में इस गायिका में गाने की भी अच्छी खासी योग्यता है।

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यही वजह है कि कम उम्र में जब लोग संगीत की शिक्षा ले रहे होते हैं। उस उम्र में आयुषी ने अपनी शुरुआत सीतापुर महोत्सव से कर दी है। एक बार शुरू हुआ आयुषी का संगीत का सिलसिला अब आग बढ़ चला है।

लखनऊ महोत्सव के कई लाइव शो करने के बाद आयुषी ने दूरदर्शन (यूपी) में माटी के बोल कार्यक्रम में भी फाइनल स्टेज तक पहुंच कर अपनी चगह बनाई। वहीं भोजपुरी चैनल महुआ में भईल भिहान कार्यक्रम में भी हिस्सा ले चुकी हैं।

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दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘किसमें कितना है दम’ में भी आयुषी अपने हुनर का जलवा बिखेर चुकी हैं। अब सोनी सब चैनल में फैमिली अंताक्षरी में भी भाग ले रही हैं। इसके लिए आयुषी पूरी तैयारी करने में जुटी हैं।

कई दिग्गज कलाकारों के साथ कर चुकी हैं काम

अपने छोटे से कैरियर में अबतक आयुषी, कई गायकों व कलाकारों के साथ प्रोग्राम कर चुकी हैं। इनमें मनोज तिवारी, मालिनी अवस्थी, रवि किशन, अनूप जलोटा और हनी सिंह जैसे कलाकारों शामिल हैं। इनको सीतापुर का स्वीप आईकॉन भी 2017 में इन्हें चुना गया था।

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आयुषी ने अपनी पढ़ाई आगे जारी रखी और वर्ष 2018 में भातखंडे संगीत विद्यालय में म्यूजिक से एमपीए की डिग्री हासिल की है। साथ ही साथ कई प्रदेशों में लगातार अपनी गायकी का हुनर भी दिखाया है।

गायिका आयुषी पांडे।

कैंसर से जान गवा चुके भाई के सपने को किया पूरा

आयुषी के इस मुकाम पर पहुंचने के पीछे उनके भाई का सपना है जिसकी कैंसर से मात्र 9 साल की उम्र में मौत हो गई थी। आयुषी का भाई सिंगर बनना चाहते थे लेकिन समय से पहले ही उनका देहांत हो गया। भाई के सपनों में जान डालने के लिए आयुषी ने पहल की और आखिरकार उसके सपने को पूरा करते हुए आज परिवार और पूरे शहर का नाम रोशन कर रही हैं।

छोटी सी उम्र में कई सम्मान हांसिल  

गायिकी के क्षेत्र में आयुषी को अबतक सीतापुर आईकॉन के अलावा लोक गायिका सम्मान, रामेश्वरी कला सम्मान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय सम्मान मिल चुका है। विश्व प्रसिद्ध नैमिषारण्य तीर्थ के नैमिष फाउंडेशन की ओर से एल्बम भी बनाने की तैयारी हैं।

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आयुषी कहती हैं कि म्यूजिक इंडस्ट्री में मेहनत और किस्मत दोनों ही बड़ी चीज होती हैं। आज के युवाओं को बड़ी ही मेहनत के साथ और हिम्मत से काम करते हुए आगे बढ़ना होता है।

मां-पिता ने आशिर्वाद संग हौंसला भी बढ़ाया  

समाज में बेटियों को आगे बढ़ने में तमाम दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। ऐसे में आयुषी के पिता जितेंद्र पांडे और मां नीरू पांडे ने अपनी बेटी को भरपूर सहयोग दिया। उसे किसी भी मोड़ पर कमजोर नहीं होने दिया। बैंक में कार्यरत उनके पिता बताते हैं कि बेटी ने आज बड़ा मुकाम हांसिल किया है।

इससे उनको बेटी पर गर्व महसूस होता है। उनकी इच्छा है कि बेटी इसी तरह आगे बढ़ती रही। पूर्ण रूप से ग्रहणी आयुषी की मां नीरू पांडे कहती हैं कि बेटी की चिंता तो रहती है जब वह कहीं बाहर होती है लेकिन जब उसको टीवी पर देखते हैं तो उसपर फक्र महसूस होता है।